
आरिफ खान। आगर मालवा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंगापुर में मंगलवार को अहिंसा वेलफेयर सोसायटी द्वारा बच्चों को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करने और उनके अधिकारों की जानकारी देने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य फोकस बाल विवाह और बाल सगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर रहा। सोसायटी ने स्पष्ट किया कि ये न केवल सामाजिक बुराइयां हैं, बल्कि कानूनन अपराध भी हैं, जो बच्चों के मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक विकास में बाधक हैं।
विद्यालय प्राचार्य ने इस अवसर पर कहा कि बाल विवाह और सगाई समाज के लिए कलंक हैं, और जब तक समाज सामूहिक रूप से इनका विरोध नहीं करेगा, तब तक बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।
संविधानिक अधिकारों की जानकारी
अहिंसा वेलफेयर सोसायटी के रविन्द्र जाट और विष्णु चौहान ने छात्रों को संविधान में प्रदत्त उनके fundamental rights जैसे शिक्षा, सुरक्षा और जीवन के अधिकार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह बच्चों से उनके सपने, शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने का हक छीन लेता है, जो उनके, परिवार और समाज, सबके लिए हानिकारक है। रविन्द्र जाट ने ज़ोर देकर कहा कि समय रहते इन कुरीतियों को न रोका गया तो समानता और बेहतर भविष्य की कल्पना अधूरी रह जाएगी।
बच्चों से अपील और सुरक्षा तंत्र की जानकारी
उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे या उनके साथी ऐसी किसी भी स्थिति में हों, तो चुप न रहें और भरोसेमंद व्यक्ति, शिक्षक, प्रशासन या अहिंसा टीम से मदद लें। टीम के सदस्यों ने छात्रों को कानूनी सहायता, रिपोर्टिंग की प्रक्रिया और बच्चों के लिए उपलब्ध सुरक्षा तंत्र के बारे में भी विस्तार से बताया।
बच्चों ने अपनी बात खुलकर रखी और सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे इन बुराइयों का हिस्सा नहीं बनेंगे और न ही किसी और को इसका शिकार होने देंगे। उन्होंने अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और हर हाल में पढ़ाई जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन बाल विवाह और बाल सगाई के खिलाफ सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें यह संदेश दिया गया कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से करनी होगी।